आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ व जनपद न्यायाधीश, अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में 17 अक्टूबर को देवेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा जिला कारागार, आजमगढ़ में शिविर का आयोजन कर जेल में निरूद्ध दोष सिद्ध बन्दियों को समय पूर्व रिहाई हेतु पात्र बन्दियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
सचिव द्वारा शिविर में उपस्थित प्रत्येक बन्दी के मामलों को सुना गया एवं लखनऊ द्वारा जारी समय पूर्व रिहाई से सम्बन्धित मानक संचालन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। उपस्थित दोषसिद्ध बन्दियों को बताया गया कि वे जेल में अपना व्यवहार व आचरण अच्छा बनाये रखेंगे, जिससे कि उनको उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लाभ दिया जा सके। शिविर में उपस्थित बन्दियों द्वारा बताया गया कि उन्हें समय से भोजन दिया जाता है तथा उन्हें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। कुछ बन्दियों द्वारा बताया गया कि उन्हें आंख से सम्बन्धित समस्या है, जिस पर सचिव द्वारा जेल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे बन्दियों की समस्याओं का यथाशीघ्र निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। सचिव द्वारा जेल प्राधिकारियों को बताया गया कि वे समय पूर्व रिहाई हेतु पात्र बन्दियों के बारे में आवश्यक कार्यवाही यथासमय करना सुनिश्चित करेंगे। इस मौके पर जेलर विकास कटियार, डिप्टी जेलर राम प्रकाश सिंह, डिप्टी जेलर नीलम तथा जेल के अन्य कर्मचारी व विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव