आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष यूथ नुरूल हुदा ने मुख्यमंत्री को 39 जातियों के सर्वे में तीन मुस्लिम जातियों को डालने पर बधाई देते हुए कहा कि मुस्लिम पवरिया पम्बरिया जाति को शैक्षणिक विकास, सामाजिक विकास व आर्थिक विकास व राजनैतिक विकास व सत्ता के मुख्य धारा से जोडने हेतु अन्य पिछडा वर्ग आयोग की अनुमन्य सूची में शामिल करना न्यायहित है।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर फार्मूला बिहार की तर्ज पर मुस्लिम पवरिया के आर्थिक सामाजिक शैक्षणिक व राजनैतिक पिछडे पंग व भूखमरी दूर करने हेतु अन्य पिछडा वर्ग आयोग में शामिल करना न्यायहित होगा।
श्री हुदा ने सरकार से मांग किया कि कर्पूरी ठाकुर के फार्मुले पर बिहार की तर्ज पर अति पिछडे आयोग का गठन कर मुस्लिम पवरिया, नट, भाट गदेहडी, फकीर जोगी, मोची आदि जातियों को शामिल किया जाय। बिहार की तर्ज पर अति पिछडा आयोग का गठन किया जाय। अन्य पिछडा वर्ग आयोग में छूेटी हुई जातियों पवरिया/पम्बरिया, गदेहडी, बनजारा, कबर खोदवा, गौरिया आदि घुमन्तु तथा अर्ध घुमन्तु जातियों को उत्तर प्रदेश के अन्य पिछडा वर्ग आयोग की लिस्ट में शामिल किया जाय।
सपा को घेरते हुए उन्होंने कहा कि 12 जुलाई 2013 को उनकी सरकार पिछड़े वर्ग के मुस्लिम जातियों को नकार दी। उस समय रामाश्रय विश्वकर्मा अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थे। पिछड़े मुस्लिम जातियों की कोई जगह पीडीए में है क्या?
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार