अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय क्षेत्र के बौड़रा लक्षीरामपुर गांव में पटेल बौद्धिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में 1857 की क्रांति के महानायक एवं अमर शहीद राजा जयलाल सिंह की 223वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि अधिवक्ता उच्च न्यायालय अमरेन्द्र सिंह पटेल ‘बाहुबली’ तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिवक्ता उच्च न्यायालय शनि पटेल, पूर्व प्रवर अधीक्षक डाकघर योगेंद्र मौर्य, मिडलैंड चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. एमके पटेल तथा सोशल एक्टिविस्ट ममता पटेल उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के पूर्व सैनिकों को सरदार पटेल बौद्धिक सेवा संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बौढ़रा स्टेट की धरती से निकलकर अमर शहीद राजा जयलाल सिंह ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर देशभक्ति का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि इतने बड़े स्वतंत्रता सेनानी की जन्मस्थली पर अब तक उनकी प्रतिमा स्थापित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने शासन-प्रशासन से राजा जयलाल सिंह की स्मृति में प्रतिमा स्थापित कराने की मांग उठाई।
समारोह को संस्थान के अध्यक्ष अक्षयवर भाई पटेल, उपाध्यक्ष सुरेन्द्र वर्मा, प्रबंधक हीरा वर्मा, महासचिव बृजेश पटेल, मुख्य सचेतक ऋषभ सिंह पटेल, प्रचार सचिव भरत पटेल, संयुक्त सचिव शेषनाथ पटेल, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार पटेल, महाप्रधान लक्षिराम वर्मा तथा इंदल वर्मा आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता राजा जयलाल सिंह की पांचवीं पीढ़ी के प्रतिनिधि राजा राजेंद्र प्रताप सिंह ने की।
रिपोर्ट-आशीष निषाद