अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। रविवार शरद पूर्णिमा से लगने वाले तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले के पहले ही दिन मेले में दर्शनार्थियों की भीड़ नहीं दिखी जिसकी वजह से मेले में रौनक नहीं दिखी। मेले में भव्य पांडाल तथा 2 दर्जन से अधिक मूर्तियां स्थापित की गई है। वहीं प्रशासन ने पूरी तरह से उपद्रवियों से निपटने के लिए तैयारी कर ली है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई थी।
प्रशिक्षु क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा, थाना प्रभारी नदीम अहमद फरीदी लगातार मेले में चक्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। वहीं दुकानदारों में भी काफी मायूसी रही। पहले ही दिन मेले में सन्नाटा दिखा, वहीं सुबह होते ही भगवान इंद्र की मेहरबानी से मूसलाधार बारिश होने लगी जिसकी वजह से मेले के दूसरे दिन की रंगत फीकी पड़ गई तो मेला समिति के लोगो में मायूसी छाई रही। पूजा पंडालों में पानी जमा हो गया, मूर्तियों को त्रिपाल के सहारे ढक दिया गया तथा दुकानदारों में मायूसी देखने को मिली। सड़क पटरियों पर अपनी दुकान लगाए दुकानदार बारिश की वजह से मायूस नजर आए। विद्युत झालरों से नगर पंचायत को दुल्हन की तरह सजाया गया था जो भारी बारिश की भेंट चढ़ गया। सुबह से ही रुक रुक कर बारिश हो रही थी जिसकी वजह से पटरियों पर बैठने वाले दुकानदार अपनी दुकान नहीं लगा सके। दोपहर बाद बारिश बंद हुई तो लोगों में खुशी जाग उठी और दुर्गा पांडालों को पुनः सजाया गया। शाम तक मेले में रौनक बढ़ने लगी। मेले के सफल आयोजन के लिए पुलिस के साथ ही डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात कर दी गई है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद