आज़मगढ़ (सृष्टिमीडिया)। कूबा पीजी कालेज में इंडियन कौंसिल ऑफ सोसल सांइस रिसर्च नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित स्वच्छता, आर्थिक विकास और सामाजिक परिवर्तन के दौर में गांधी जी का अर्थशास्त्र विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का शनिवार को समापन हुआ।
मुख्य अतिथि प्रो.शरद कुमार, प्राचार्य हिन्दू पीजी कालेज जमनियां गाजीपुर ने ग्राम स्वराज व स्वच्छता के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि गांधी जी का ग्राम स्वराज सही अर्थाें में भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बना कर आर्थिक असमानता को कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी के विचार हमें वास्तविकता के करीब रखते हैं। विशिष्ट अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय पत्रकारिता विभाग के सहायक प्रोफेसर दिग्विजय सिंह राठौर ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने भारत को मजबूत करने में बड़ी भूमिका अदा की है। भारत सरकार द्वारा इसके लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम काफी सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेट के विस्तार के कारण साइबर अपराधों में भी तेजी से वृद्धि हुई है इससे निपटने के लिए हम सभी को जागरूक रहना होगा। हर व्यक्ति जो इंटरनेट का प्रयोग कर रहा है वह साइबर अपराधियों के निशाने पर है।
अध्यक्षता करते हुए डा.मधुप, प्राचार्य जेपी महराज डिग्री कालेज चौरी-चौरा ने कहा कि महात्मा गांधी जी का विचार आज भी वैश्विक स्तर प्रांसगिक है। सेमिनार के संयोजक डा.तरूण कुमार द्विवेदी स्वच्छता, स्वरोजगार, कौशल विकास द्वारा गांव के विकास के महत्व के बारे में बताया गया। प्रो. सरिता सिंह विभागाध्यक्ष, श्री गणेशराय पीजी कालेज डोभी ने गांधी जी द्वारा सुझाये गये सर्वांगीण विकास के प्रारूप पर चर्चा की। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अभिमन्यु यादव ने अतिथियों का स्वागत एवं संचालन डॉ.राम धीरज यादव ने किया। इस अवसर पर डॉ.विनोद यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ.देवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ.रितेश वर्मा, डॉ.पंकज कुमार सिंह, डॉ.राणा सिंह, डॉ.सुरेंद्र पांडे, डॉ.अजय विक्रम सिंह, डॉ.शैलेश प्रताप रघुवंशी, डॉ.कुमकुम सिंह, डॉ.बबीता शुक्ला, वंदना यादव, प्रिया पाठक आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार