रानीकीसराय आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अवंतिकापुरी आवंक में चल रही रामलीला में बन में कुटिया के पास हिरण देख सीता राम से हिरण लाने को कहती हैं। इधर लक्ष्मण के जाते ही रावण सीता जी का हरण कर लेता है। बचाव के लिए आये जटायु को रावण घायल कर देता है। देर रात लोग भक्तिरस में गोता लगाते रहे।
अवंतिका समिति द्वारा चल रही रामलीला में बन में अपनी कुटी में राम लक्ष्मण सीता रहते हैं। तभी मामा मारिच रावण के कहने पर हिरण रुप में भ्रमण करता है। हिरण को देख सीता राम से उसे ले आने को कहती हैं। राम लक्ष्मण को छोड़ हिरण के पीछे चल देते हैं। जंगल में हिरण बाण लगते ही राम राम चिल्लाता है। इधर आवाज सुन सीता जी राम के संकट में पड़ने को कहकर लक्ष्मण को मदद के लिए भेजती हैं। इधर मौका पा कर सीता जी को भिक्षा के बहाने लक्ष्मण रेखा पार करते ही रावण हरण कर लेता है। सीता जी का बिलाप सुन जटायु ने रोकने का प्रयास किया तो रावण ने जख्मी कर दिया। इधर कुटी में सीता को न पाकर राम लक्ष्मण खोज में निकलते हैं और सबरी के आश्रम में पहुंच जाते हैं। सबरी के प्रभु प्रेम को देख भगवान जूठे बेर को खाते हैं। देर रात तक जयश्रीराम के जयकारे गूंजते रहे। इस मौके पर समिति के अरुण विश्वकर्मा, मुखराम गुप्ता, संदीप प्रजापति, संदीप विश्वकर्मा, जियालाल विश्वकर्मा, अनूप विश्वकर्मा, पिंटू, प्रमोद कुमार, रामाश्रय पटेल आदि उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा