जीवन मूल्य का दर्पण है रामचरितमानस-पं गिरजा प्रसाद पाठक

शेयर करे

मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र की शक्तिपीठ माता अष्टभुजी देवी का मंदिर परिसर में रामचरितमानस पर अपना विचार व्यक्त करते हुए क्षेत्र के प्रसिद्ध कर्मकांड विशेषज्ञ ज्योतिषाचार्य एवं माता अष्टभुजी के पुजारी पंडित गिरजा प्रसाद पाठक ने भक्तों को संबोधित करते हुए पुरुषोत्तम महीने की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि यह महीना पुरुषोत्तम मास के नाम से जाना जाता है क्योंकि इसे भगवान विष्णु ने स्वीकार किया था।
उन्होंने बताया कि रामचरितमानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि जीवन मूल्य का दर्पण है उन्होंने कहा कि मानस का पाठ तभी सार्थक होगा जब हम उसमें वर्णित आदर्श और संस्कार को जीवन में अपना लें उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम यूं ही मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं कहे जाते उन्होंने माता-पिता भाई प्रजा और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया वही भाई भरत का श्रीराम के प्रति समर्पण भी इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह शब्दों में कम है। रामायण हर उस अंदाज से देखा जाए तो जिस पर मनुष्य जीवन के आदर्श को परख सकता है कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मंदिर कमेटी के लोगों ने प्रसाद वितरण का कार्यक्रम किया तथा आए हुए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया पंडित गिरजा प्रसाद पाठक ने कहा कि कथा सुनने से नहीं उसे अपने जीवन में आत्मसात करने की आवश्यकता है। जब भी आप रामचरितमानस की कथा या रामचरितमानस का पाठ करते हैं उसमें दी हुई प्रत्येक चौपाई का एक गुण रहस्य है उसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए उपस्थित लोगों में डॉक्टर कमलेश कुमार विश्वास, सतीश राय, सुनील पाठक, चंद गुप्ता, राजेश गुप्ता, सविता, विवेक प्रजापति, मिथिलेश राय, अंकित राय तमाम लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *