आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय प्रशासन ने सतर्कता विभाग द्वारा पकड़े गए आउटसोर्सिंग कर्मचारी संजय के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
इस संबंध में कुलपति प्रो. संजीव कुमार की अध्यक्षता में प्रशासनिक भवन स्थित सभागार में हाई पावर कमेटी की आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंसी को भी सूचित कर दिया गया है। संकायाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इसके तहत सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मुख्य द्वार पर शिकायत पेटिका, मेटल डिटेक्टर की स्थापना, हेल्पडेस्क शुरू करने और एक सार्वजनिक ईमेल आईडी जारी करने का निर्णय लिया गया है, ताकि छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन ने शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य कर दी है। बिना अनुमति परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने का भी फैसला लिया गया है। इसके अलावा प्रशासनिक भवन के विभिन्न तल पर चौनल गेट लगाए जाएंगे और पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी। संकायाध्यक्षों के सुझावों पर अमल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही महाविद्यालय स्तर पर ही हेल्पडेस्क व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया है, ताकि विश्वविद्यालय पर अनावश्यक दबाव कम हो सके। कुलपति ने पठन-पाठन को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराते हुए नई शिक्षा नीति 2020 के तहत आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने को सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताया।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार