आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। समाजवादी पार्टी के संरक्षक व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया। आजमगढ़ जिले में विकास के नाम पर जो भी कुछ हुआ उस पर मुलायम सिंह यादव का नाम लिखा है।
मुलायम सिंह यादव जब पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तभी से जनपदवासी मुलायम सिंह यादव के मुरिद हो गये थे वह जब भी जनपद आते जनपदवासियों को जादू सर चढ़कर बोलने लगता। जनपद वासियों का मुलायम के प्रति इतनी दिवानगी थी कि उनके कार्यक्रम में सुबह से ही पहुच जाते थे। जब भी विधान सभा के चुनाव होते थे 10 विधान सभा सीट में से 5 से 6 सीट मुलायम सिंह यादव को मिलती थी इसीलिए अक्सर भाषणों में मुलायम सिंह यादव कहते थे कि इटावा मेरा दिल है तो आजमगढ़ मेरी धड़कन है।
आजमगढ़ जनपद यादव बाहुल्य क्षेत्र होने के साथ ही मुलायम सिंह यादव द्वारा किये गये कार्यो से यहां की जनता काफी प्रभावित थी। 15 नवम्बर 1994 को मुलायम सिंह यादव द्वारा एक सभा आयोजित की गयी थी जैसे ही मुलायम सिंह यादव मंच पर आये उन्होने कहा लो आपके कमिश्नर को ला दिया और उसी दिन आजमगढ़ कमिश्नरी घोषित हुई। मुलायम सिंह यादव द्वारा जनपद में कई ऐतिहासिक कार्य किया गया जैसे आजमगढ़ को मण्डल बनाना, सर्किट हाउस का निर्माण करना, राहुल सांस्कृत्यान महिला अस्पातल का निर्माण, विकास भवन, आजमगढ़ कलेक्ट्रेट भवन, हरिऔध कला भवन, अतरौलिया में 100 शैय्या हास्पिटल, चक्रपानपुर में मेडिकल कालेज आदि स्थापित किया गया। इसीलिए अक्सर सभाओं में सपा नेता कहा करते थे कि जनपद के विकास के एक एक ईट पर मुलायम सिंह का नाम लिखा है। मुलायम सिंह यादव के कार्यो से प्रभावित होकर 2012 के विधान सभा चुनाव में 10 सीट मे सपा को 9 सीट मिली थी। 2017 के विधान सभा चुनाव में सपा को पांच सीट व 2022 के विधान सभा चुनाव में दसों सीट प्राप्त हुई। आजमगढ़ की जनता का नेताजी के प्रति प्रेम को देखते हुए मुलायम सिंह यादव 2014 लोकसभा चुनाव में यहां से लड़कर जीत हासिल की थी।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव