मुंशी जी ने ब्रिटिश हुकूमत के समय जलाई थी शिक्षा की अलख

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फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील के आंधीपुर गांव में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व. रामनरेश यादव के पिता आदर्श शिक्षक स्व. मुंशी गया प्रसाद यादव की 129वीं जयंती सादगी के साथ मनायी गयी। इस दौरान उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। लोगों ने मुंशी गया प्रसाद यादव के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किया।
पूर्व विश्लेषक हिंडाल्को डॉ.सुरेश यादव ने कहा कि मुंशी गया प्रसाद यादव आजादी की लड़ाई के समय एक तरफ जहां बच्चा बच्चा अंग्रेजों से देश को मुक्त कराने के लिए लड़ रहा था तो वहीं मुंशी गया प्रसाद युवाओं में शिक्षा की अलख जगा रहे थे। मुंशी गया प्रसाद 1917 से 1958 तक प्राइमरी पाठशाला अंबारी में अध्यापक रहे। उनका विश्वास था कि बिना शिक्षा के सामाजिक कुरीतियों को दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने 1950 में जनता जूनियर हाईस्कूल की स्थापना करने के साथ ही इस क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगायी थी। दयानन्द सरस्वती के विचारों से प्रभावित होकर मुंशी जी ने अम्बारी में आर्य समाज मंदिर की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुंशी जी उस समय सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका सहयोग के तहत कार्य करते थे। उनके सपनो को साकार करने के लिए मुंशी के बेटे पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव ने बालिकाओं की शिक्षा के लिए राजकीय इंटर कालेज के साथ गया प्रसाद स्मारक राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय और राजकीय आईटीआई की स्थापना किया। आज जिले में अंबारी क्षेत्र शिक्षा की नगरी के रूप में ख्याति अर्जित कर रहा है।
डॉ.सुरेश यादव, सावित्री यादव, पूनम यादव, नूतन यादव, पूर्व प्रधानाचार्य हरिबंश यादव, बृजेश यादव, वीरेंद्र यादव, सुरेंद्र यादव, भोनू यादव, परशुराम यादव, बालकृष्ण यादव, बाके लाल यादव आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय

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