पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शुक्रवार दोपहर चांदपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक बिजली के तारों से तेज आवाज के साथ चिंगारियां निकलने लगीं। घरों के अंदर चल रहे उपकरणों में “तड़तड़ाहट” की आवाज गूंजने लगी और देखते ही देखते पूरा गांव बिजली की तबाही का शिकार हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक करीब 70 प्रतिशत घरों का सामान जलकर खाक हो चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा 11 हजार वोल्ट की लाइन में अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ। तेज करंट के झटके से घरों में लगे विद्युत मीटर, टुल्लू पंप, टीवी, फ्रिज, स्टेबलाइजर, इनवर्टर, वाटर आरओ, पंखे और यहां तक कि घरों की वायरिंग तक जलकर नष्ट हो गई। कई घरों में धुआं और जलने की बदबू देर तक फैलती रही। ग्रामीणों ने जब ट्रांसफार्मर के पास जाकर देखा तो स्थिति और भी गंभीर थी। बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर पर एक चिड़िया के बैठने से अचानक फॉल्ट हुआ, जिससे खूंटी की बुशिंग जलकर टूट गई और ट्रांसफार्मर से तेल रिसकर नीचे गिरने लगा। इस तकनीकी खराबी ने पूरे गांव को अंधेरे और नुकसान में धकेल दिया।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों ने अवर अभियंता रितेश कुमार को कई बार फोन किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हो सका। इसके बाद विद्युत उपखंड अधिकारी बिलरियागंज तुषार श्रीवास्तव को सूचना दी गई। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लाइनमैन राजेश प्रजापति को मौके पर भेजा। लाइनमैन द्वारा पहुंचकर जांच-पड़ताल की गई और सिधारी स्टोर रूम से ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त बूसिंग मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
इस हादसे ने गांव के लोगों को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है। जिन घरों में वर्षों की मेहनत से जुटाए गए उपकरण थे, वे कुछ ही पलों में राख बन गए। कई परिवारों के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया है।
फिलहाल बिजली विभाग की टीम मरम्मत कार्य में जुटी है, लेकिन चांदपुर गांव के लोगों के दिलों में उस भयावह दोपहर की दहशत और नुकसान की पीड़ा अभी भी ताजा है।
रिपोर्ट-बबलू राय