लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। लालगंज को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग को लेकर सोमवार को लालगंज तहसील परिसर नारों से गूंज उठा। “लालगंज को रेल से जोड़ो” जैसे नारों के बीच लालगंज रेल पथ निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर का चक्रमण किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राजकुमार बैठा को सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि लालगंज को एनएच-28 के समानांतर रेल सेवा से जोड़ा जाए तथा रेलवे लाइन और स्टेशन की व्यवस्था की जाए। एनएच-28 आजमगढ़ से रानी की सराय, मोहम्मदपुर, बिंद्रा बाजार, गोसाई की बाजार, लालगंज, देवगांव होते हुए वाराणसी तक जाता है। लालगंज क्षेत्र का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहां बड़े पैमाने पर व्यापार होता है और दूर-दराज से माल की आवक होती है।
संघर्ष समिति ने बताया कि लालगंज को जिला घोषित करने की मांग पहले से उठती रही है और रेल संपर्क इस क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। पूर्व सांसद कालिका प्रसाद सिंह ने वर्ष 1952-57 में इस मुद्दे को पहली बार संसद में उठाया था। इसके बाद नीलम सोनकर, बलराम, संगीता आजाद और वर्तमान सांसद दरोगा प्रसाद सरोज भी इस मुद्दे को संसद में उठा चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।
समिति के संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि रेल लाइन बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। “न रुकेंगे, न झुकेंगे” के संकल्प के साथ संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मौके पर अमरनाथ सिंह, रामनयन सिंह, अमरजीत सिंह, पंकज मिश्रा, संतोष तिवारी, राम सेवक यादव, संतोष राय, सुधीर श्रीवास्तव, सुरमनी यादव, विद्युत चौरसिया, अवधेश सेठ, विवेक शर्मा, बृजेंद्र पांडे, अनुज यादव, संजय शुक्ला, आलोक तिवारी, गोलू आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद