आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मुसलमानों के बच्चों के एक हाथ में कुरआन व दूसरे हाथ में कम्प्यूटर को साकार करने तथा उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद व शासन के आदेशों के क्रम में एनसीआरटी पाठ्यक्रम की इंगलिश मीडियम की पुस्तकें पढ़ाने व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने का निर्णय लिया गया। लेकिन प्रबंध तंत्र इसका विरोध करा रहा है। उक्त बातें विद्यालय के प्रधानाचार्य मुफ्ती अब्दुल कादिर ने प्रेस वार्ता के दौरान कही।
पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता में प्रधानाचार्य मुफ्ती अब्दुल कादिर ने बताया कि मुसलमानों के बच्चों के एक हाथ में कुरआन व दूसरे हाथ में कम्प्यूटर को साकार करने तथा उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद व शासन के आदेशों के क्रम में प्रबंधक व सचिव की सहमति से एनसीआरटी पाठ्यक्रम की इंगलिश मीडियम की पुस्तकें पढ़ाने व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने का निर्णय लिया गया। मदरसा के आधुनिकीकरण कार्यक्रम को शोसल मीडिया द्वारा प्रचारित किया गया। इस कार्यक्रम से अवगत होने के बाद मेरे समाज के मौलाना वर्ग के लोगों को बड़ा धक्का लगा और वे मेरे खिलाफ तरह-तरह के आपत्तिजनक पोस्ट लिखकर शोसल मीडिया में अपलोड करके मुझे अपमानित और आधुनिकीकरण के इस कार्यक्रम को ध्वस्त करने का कुचक्र करने लगे। मदरसा के आधुनिकीकरण को लागू करने के लिए जब हमने बेबसाइट बनवाने की बात कही तो प्रबंधक व सचिव अपने भ्रष्टाचार के उजागर होने के डर से नाराज हो गये। तरह-तरह से मुझे अपमानित व प्रताड़ित करने लगे। इस कार्य को रुकवाने के लिए मुझे मुस्लिम समाज में बदनाम करने व अलग थलग करने के लिए कुटरचित तहरीर तैयार कराकर प्रसिद्ध दारुल उलूम देवबंद भेजकर मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी मुमतमिम कुलपति से फतवा मंगवाकर शोसल मीडिया में शेयर करके बदनाम कर दिये।
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कई करोड़ धन का हुआ गबन
आजमगढ़। प्रधानाचार्य मुफ्ती अब्दुल कादिर ने पत्र प्रतिनिधियों को बताया कि मदरसा के सचिव ने वर्ष 2002 से वर्ष 2012 तक प्रबंध समिति के सदस्यों पदाधिकारियों एवं शिक्षकों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सहयोग से मदरसा कासिमुल उलूम मदरसतुल बनात मु. मसूद खां इण्टर कालेज, डिग्री कालेज और मुहिब्बुद्दीन मुस्लिम एजुुकेशनल सोसायटी मंगरावां के 50 से अधिक बैंक खातों से दान-अनुदान फीस आदि मदों के 20 करोड़ धन का गबन किया गया। इस धन के गबन के कारण विगत 20 वर्षो में विकास तथा उन्नयन कार्य नहीं हुआ। भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए प्रबंधक तथा सचिव मुझे मदरसा में किसी सूरत में रहने देना नहीं चाहते। फोन पर मुझे धमकिया दी जाती है।
रिपोर्ट-प्रमोद कुमार यादव