आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मण्डलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मण्डल के जनपदों में लम्बित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण के सम्बन्ध में सोमवार को आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत का आयोजन किया गया। कुल 6 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिसमें जनपद आजमगढ़ के तीन, बलिया का एक एवं मऊ के दो प्रकरण सम्मिलित थे। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिया कि पेंशन सम्बन्धी समस्त प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाय, किसी भी सेवानिवृत्त कार्मिक का पेंशन प्रकरण अनावश्यक रूप से लम्बित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रस्तुत पेंशन मामलों में जो भी कार्यवाही अपेक्षित है उसे सम्बन्धित अधिकारी तत्काल पूर्ण कराते हुए पेंशन का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
पेंशन अदालत में प्रस्तुत जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ के कार्यालय से वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त कर्मचारी का प्रकरण लम्बित पाया गया। मण्डलायुक्त ने पेंशन प्रकरण काफी अधिक समय से लम्बित रहने पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि प्रकरण लम्बित रहने के सम्बन्ध में जिन-जिन अधिकारियों के स्तर से लापरवाही हुई है उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही हेतु शासन को संस्तुति प्रेषित की जाय। उन्होने जिला कार्यक्रम अधिकारी, मऊ को इस सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी कार्यालय आजमगढ़ के एक मृतक कार्मिक के परिवार को मिलने वाले पारिवारिक पेंशन के सम्बन्ध में पेंशनर के पुत्र श्रवण कुमार द्वारा कम पेंशन भुगतान होना बताया गया। अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद बलिया में जिला विकास अधिकारी कार्यालय से गत जून माह में सेवानिवृत्त एक कर्मचारी द्वारा पेंशन आदि पावनाओं की मॉग लम्बित पाया गया। मण्डलायुक्त ने पेंशन अदालत में प्रस्तुत अन्य मामलों पर विस्तार से चर्चा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार