रानीकीसराय आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। दीपावली पर्व पर इस बार यहां तैयार एक लाख दीये मुम्बई महानगरों में भेजे गये। गांव की मिट्टी से तैयार दीये से मुम्बई रोशन होगी। चार वर्ष से यहां से तैयार दीये मुम्बई जा रहे है।
हाईटेक दौर में भी मिट्टी से बने दीये की डिमांड कम नही है। खासतौर से महानगरों मंे आज भी कायम है। बडे़ कारोबारी महानगरों से आर्डर ले लेते हैं और गांव में कामगारों को अलग आलग हिस्सों में आर्डर दे कर तैयार कराते हैं। कामगार भी लंबे आर्डर से काफी खुश रहते हैं। स्थानीय राजेश प्रजापति, राकेश प्रजापति ने बताया कि इस बार एक लाख दीये के आर्डर पहले से ही मिल गये थे। रात दिन मेहनत कर तैयार किये गये। ये दीये सामान्य दीयों से हटकर बनाएं जाते हैं। इनकी सुंदरता अधिक होती है। महानगरों मंे अच्छी कीमत पर बिकते हैं। इस बार सभी तैयार दीये मंगलवार को ही अलग अलग खेप मंे भेज दिये गये। सभी मुम्बई महानगर जायेंगे। कामगार भी प्रसन्न हैं कि उनके निर्मित दीये की लौ से मुम्बई रोशन होगी। चार वर्ष से व्यवसाय में जुडे़ लोग इन दीयो के निर्माण में लगे हैं। स्थानीय स्तर पर बिकने वाले दीये भी इस बार अच्छी मात्रा में बिक रहे है। जिससे साफ है कि झालर के बीच भी दीये की अलग ही चमक है।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा