आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। डीएवी पीजी कॉलेज में सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत शुक्रवार को विभिन्न भाषाओं के महत्त्व पर विद्वानों द्वारा व्याख्यान आयोजन का किया गया। जिसकी अध्यक्षता स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो. गीता सिंह ने और संचालन हिंदी विभाग के असि. प्रो. अवनीश राय ने किया।
स्नातकोत्तर हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर गीता सिंह ने हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस समय हिंदी विश्व में अपना परचम लहरा रही है। इसमें रोजगार के अनेक अवसर हैं। डॉ. गणेश शंकर पाण्डेय ने संस्कृत भाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत के ह्रास से संस्कृति का ह्रास होता है। अतः संस्कृति के विकास के लिए संस्कृत का उत्थान आवश्यक है। उर्दू भाषा का महत्त्व बताते हुए डा. राना परवीन ने कहा उर्दू जिसे कहते हैं वह तहज़ीब का चश्मा है। वह शख़्स मुहज़्ज़ब है जिसको यह ज़बाँ आती है। हिन्दी विभाग के असि. प्रो. जितेन्द्र कुमार नूर ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रेमचंद यादव ने सफल कार्यक्रम के लिए सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में प्रो. रामसुन्दर सिंह सहित समस्त अध्यापक और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-दीपू खरवार