अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय नगर पंचायत में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे नाले अब खुद ही लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। बिना समुचित जल निकासी व्यवस्था के कराए गए निर्माण के चलते नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। इससे नगर के कई इलाकों में हालात नारकीय हो गए हैं। सबसे खराब स्थिति लोहिया नगर (यूनियन बैंक रोड) और खानपुर फतेह वार्ड बुधनिया रोड की बताई जा रही है।
स्थानीय निवासियों महेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, कौशल कुमार सोनी, नीरज मिश्रा, शेषनाथ, सत्यम सिंह के अनुसार, नाले तो बना दिए गए, लेकिन पानी के निकास के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप, नालियों का गंदा पानी सड़कों से होते हुए घरों के ड्राइंग रूम और किचन तक पहुंच रहा है। बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है।
नगरवासियों का कहना है कि किसी भी नाले के निर्माण से पहले उसके आउटलेट यानी निकासी बिंदु का निर्धारण जरूरी होता है, लेकिन यहां इस मूलभूत नियम की अनदेखी की गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जलभराव की समस्या खत्म होने के बजाय और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की लापरवाही के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस संबंध में जब अधिशासी अधिकारी विनय शंकर अवस्थी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंगलवार तक संबंधित इंजीनियर व ठेकेदार को बुलाकर स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। हालांकि, लोगों का सवाल है कि निरीक्षण निर्माण कार्य से पहले क्यों नहीं किया गया।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस स्पष्ट इंजीनियरिंग खामी को कितनी जल्दी दूर कर पाता है या फिर नगरवासी इसी तरह जलभराव और गंदगी के बीच जीवन बिताने को मजबूर रहेंगे।
रिपोर्ट-आशीष निषाद