अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने कहा कि चुनाव का फैसला दिल्ली और लखनऊ में बैठे नेता नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता करती है। अतरौलिया में उनके आवास पर आयोजित जनता दरबार में सैकड़ों फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। थाना, तहसील, ब्लॉक, अस्पताल और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर निस्तारण का आश्वासन दिया। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अतरौलिया की जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है।
चुनावी समीकरणों और विरोधियों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण राजभर ने कहा कि चुनाव जिताने और हराने का अधिकार जनता के पास है। दिल्ली या लखनऊ में बैठकर कोई नेता वोट डालने नहीं आता। उन्होंने सपा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने नगवां गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 20 वर्ष पहले 10 गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर बनाया गया खड़ंजा अब गड्ढों में तब्दील हो चुका है। उनके अनुसार, इस मार्ग पर स्कूली वैन के पलटने की घटनाएं भी होती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नगवां, शेखपुरा, पलिया, हसनाथपुर और शिवपट्टी जैसे गांवों में लंबे समय से सड़क निर्माण क्यों नहीं कराया गया।
खानपुर कुटी में नाली निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का पत्र मिलने के बाद उन्होंने 21 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत कराकर टेंडर की प्रक्रिया पूरी कराई थी। उनका आरोप है कि निर्माण के लिए जेसीबी पहुंचने पर कुछ लोगों ने ग्रामीणों को भड़काकर काम रुकवा दिया। उन्होंने कहा कि आपसी समन्वय बनाकर जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
पूर्व मंत्री बलराम यादव पर निशाना साधते हुए पलिया क्षेत्र के दलित कार्यकर्ता गौतम का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि गौतम ने 40 वर्षों तक मंत्री की सेवा की, लेकिन उनके निधन के बाद उनके परिवार की सुधि नहीं ली गई। डॉ. संजय निषाद और माता प्रसाद पांडे की मुलाकात के सवाल पर उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया। यूपीआई भुगतान पर टैक्स या अतिरिक्त कटौती संबंधी चर्चाओं को भी उन्होंने अफवाह बताया।
रिपोर्ट-आशीष निषाद