अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गुरुवार को अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कानून व्यवस्था, बकरीद की तैयारियों, जौनपुर मुठभेड़ और विपक्ष की राजनीति को लेकर तीखे बयान दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर अपराधियों को जाति के आधार पर संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सपा का पुराना राजनीतिक कल्चर रहा है।
मंत्री ने देशवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार भाईचारे और सौहार्द्र का प्रतीक हैं। जौनपुर मुठभेड़ को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सरकार पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि जिस आरोपी रवि यादव के समर्थन में विपक्ष बयानबाजी कर रहा है, उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 23 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले आरोपी का आपराधिक इतिहास पढ़ ले, उसके बाद बयान दे।
कैबिनेट मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर जातिवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने मुबारकपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक दलित जनप्रतिनिधि की हत्या के आरोपियों को बचाने के लिए सपा नेता पुलिस अधिकारियों तक से मिलने पहुंच गए थे।
जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड के फरार आरोपियों भोले राजभर और प्रदीप बिंद के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी अपराधी के प्रति नरम रुख नहीं अपना रही है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है और गिरफ्तारी होते ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की मंशा साफ है कि अपराधी चाहे किसी भी जाति या दल से जुड़ा हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
चुनाव आयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री राजभर ने कहा कि आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और अदालत के निर्णय ने विपक्ष के झूठे आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच में 12 हजार से अधिक मृतक मतदाताओं के नाम मिले हैं, जिनके जरिए फर्जी मतदान कराया जाता था। अब जब ऐसे मामलों पर कार्रवाई हो रही है तो विपक्ष अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखलाहट में बयानबाजी कर रहा है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद