आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल कराने, मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगाने तथा शैक्षणिक संस्थानों की प्रशासनिक मनमानी के विरोध में समाजवादी छात्र सभा राष्ट्रीय सचिव आनन्द यादव के नेतृत्व में सपा के समस्त फ्रंटल संगठनो ने विरोध प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने निकले कार्यकर्ताओं की सपा कार्यालय के बाहर ही पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हुई।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे पूरा मार्ग छावनी में तब्दील नजर आया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को चारों तरफ से घेरकर आगे बढ़ने से जबरन रोका। बाद में मौके पर पहुंचे एडीएम ने कार्यकर्ताओं से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन स्वीकार किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अभिषेक यादव और दुर्गेश यादव ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में छात्र-छात्राओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। नेताओं का यह भी आरोप है कि प्रदर्शन को दबाने के उद्देश्य से आनन्द यादव सहित सपा के पांच कार्यकर्ताओं को पहले ही हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। नेताओ ने मांग की प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र संघ चुनावों को तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू कराया जाए, ताकि छात्र अपनी समस्याएं सही मंच पर रख सकें। मनमानी फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाई जाए और पूर्व में बढ़ाई गई फीस की पुनः समीक्षा की जाए, जिससे आम परिवारों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ कम हो सके।
सपा प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रवृत्ति, फीस वृद्धि और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का शीघ्र न्यायसंगत समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर रोशन यादव, हर्षित यादव, प्रदीप यादव, संजय पहलवान, अवनीश यादव, विकास यादव, गोलू यादव, लालजीत क्रांतिकारी, संतोष गौतम, शबनम खातून आदि मौजूद रहीं।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार