फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। क्षेत्र में बारिश और तेज हवा के झोंकों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में लहलहा रही धान की अधपकी फसल जमीन पर गिरकर गई है। कुछ खेतों में धान की फसल कटाई के कगार पर थी, जबकि अधिकांश खेतों में फसल अभी पूरी तरह पक नहीं पाई थी। ऐसे में फसल गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
मौसम विभाग की ओर से बारिश और तूफान की चेतावनी के बाद से ही किसान फसल गिरने को लेकर चिंतित थे। पहले से खेतों में पानी और नमी होने के कारण धान के पौधे कमजोर हो गए थे। इसके बाद रिमझिम बारिश से पौधों और जमीन में नमी और बढ़ गई। रात में चली तेज हवा के झोंकों ने फसल को संभलने का मौका नहीं दिया। देखते ही देखते खेतों में खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई।
किसान मनीष पाल, दशरथ पाल, मो. अनवर और इंद्रेश का कहना है कि फसल तैयार करने में पूरे साल मेहनत और पूंजी लगती है। अब जब फसल पकने के करीब पहुंची तो बारिश और हवा ने उसे खेतों में गिरा दिया। किसानों के सामने अपनी मेहनत की कमाई को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। उनका कहना है कि नुकसान की आशंका के बावजूद किसान फसल को सड़ने के लिए नहीं छोड़ सकते। किसी तरह कटाई कर उपज बचाने का प्रयास करेंगे, क्योंकि यही उनकी सालभर की कमाई का मुख्य आधार है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय