अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। पूर्णमासी के दिन से शुरु होने वाले अतरौलिया के ऐतिहासिक मेले के दूसरे दिन सोमवार को सुबह बारिश हो जाने के कारण मेला समिति तथा दुकानदारों में उदासी छा गई थी, जैसे बरसात थमी वहीं दोपहर बाद से ही मेले में भीड़ दिखनी शुरू हो गई।
नगर क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर दूर दूर तक के लोग मेला देखने के लिए पहुंचे। ऐसा लगा कि जैसे जनसैलाब उमड़ पडा हो। नगर पंचायत में छोटी बड़ी मिलाकर 2 दर्जन से अधिक मूर्तियां स्थापित की गई हैं। वही पांडाल को भी भव्य रुप दिया गया है जिसमें प्रमुख रुप से शंकर त्रिमुहानी पर पलक खोलती माता दुर्गा की प्रतिमा, जायसवाल त्रिमुहानी पर भव्य मूर्ति के साथ पंडाल की सजावट, बाबा बालक दास कुटी पर स्थापित झूला झूलती माता रानी जहां मेलार्थियों ने मां को झूला झुलाया, बब्बर चौक पर बनी परिक्रमा करती देवी प्रतिमा जहां लड़के और लड़कियों ने जमकर सेल्फी लिया। बुधनिया रोड़ पर बनी गुफ़ा वाली दुर्गा मां, गोला बाज़ार में भव्य पांडाल और माता दुर्गा की सुंदर प्रतिमा, हनुमानगढ़ी पर बना केदारनाथ धाम का पंडाल तथा नंदी बैल और शिव की प्रतिमा, रामबरन चौक पर मोतियों से बनी दुर्गा माँ की प्रतिमा। इसी क्रम में दर्जनों छोटी बड़ी प्रतिमा स्थापित की गई थी। माता रानी का भव्य श्रृंगार और पंडाल दर्शनार्थियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। पूरे मेला क्षेत्र में मां दुर्गा के भक्तिमय गीतों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की चुस्त दुरुस्त व्यवस्था की गई है। दयानंद बाल विद्या मंदिर में खोया पाया कैंप बनाया गया था। पुलिस प्रशासन द्वारा गोला क्षेत्र में पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया था।
रिपोर्ट-आशीष निषाद