पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद के बिलरियागंज विकासखंड क्षेत्र में बुधवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को दहशत में डाल दिया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं ने कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आसमान में घिरे काले बादलों के बीच चली तेज हवाओं ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कई स्थानों पर विशाल पेड़ धराशाई हो गए, हाईमास्ट लाइटें गिर पड़ीं और बिजली के खंभों व तारों को भी भारी नुकसान पहुंचा।
पटवध कौतुक, चांदपुर, मानपुर, श्रीनगर सियरहां, गोसड़ी, बसिला, आजमपुर समेत आसपास के गांवों में तूफान का सबसे अधिक असर देखने को मिला। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को अपने घरों में शरण लेनी पड़ी। कई जगहों पर पेड़ सड़क और रास्तों पर गिर गए, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश का स्वरूप इतना तीव्र था कि देखते ही देखते खेतों में पानी भर गया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो आषाढ़ का महीना समय से पहले ही दस्तक दे चुका हो। तेज बारिश और हवाओं के कारण कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तूफान की चपेट में आकर क्षेत्र में लगी हाईमास्ट लाइटें भी धराशाई हो गईं। वहीं 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के खंभे और तार क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अचानक बिजली गुल होने से लोगों को उमस और अंधेरे की समस्या का सामना करना पड़ा।
हालांकि, सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। विभागीय कर्मचारी खराब खंभों और तारों को ठीक कर जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि हवा का दबाव इतना अधिक था कि कई लोगों ने वर्षों बाद ऐसा भीषण तूफान देखा। पेड़ों की टहनियां टूटकर इधर-उधर बिखर गईं और कई स्थानों पर लोगों की निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिली। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा पिछले कई दिनों से खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया जा रहा था। बुधवार को आए इस तूफान ने चेतावनी को वास्तविकता में बदलते हुए लोगों को प्रकृति की ताकत का एहसास करा दिया।
रिपोर्ट-बबलू राय