आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद के सठियांव व रानी की सराय ब्लाक पर किसानों को पराली न जलाने व पराली से खाद बनाने की जानकारी दी गयी। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि इससे मिट्टी की उर्बराशक्ति बढ़ेगी।
जनपद में खरीफ की मुख्य फसल धान की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। धान की कटाई के उपरान्त कृषकों द्वारा फसल अवशेष पराली को न जलाये जाने हेतु जागरूक किये जाने के उद्देश्य से प्रचार प्रसार के क्रम में मुकेश कुमार उप कृषि निदेशक आजमगढ द्वारा क्षेत्र भ्रमण के समय राजकीय कृषि बीज भण्डार सठियॉव पर उपस्थित ग्राम प्रधान अमरेश यादव एवं पराग यादव, सुबाष यादव, हरिहर यादव, विजय, चन्दन, अंकुर सिंह सहित अन्य उपस्थित कृषकों को निःशुल्क वेस्ट डीकम्पोजर का वितरण करते हुए फसल अवशेष जलाने से होने वाली हॉनियों एवं फसल अवशेष के उचित प्रबन्धन से होने वाले लाभ तथा वेस्ट डीकम्पोजर का प्रयोग कर फसल अवशेष को सड़ाते हुए कम्पोस्ट के रूप में प्रयोग कर अपने खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने का सुझाव दिया गया। इसी क्रम में राजकीय कृषि बीज भण्डार रानी की सराय पर उपस्थित कृषकों की समस्याओं से अवगत होते हुए पीएम किसान हेल्प डेस्क के माध्यम से मौके पर ही इसका समाधान कराया गया। इन कृषकांे को भी वेस्ट डीकम्पोजर का वितरण करते हुए पराली न जलाये जाने और इसका खाद के रूप में प्रयोग करने की विधा का अपनी ग्राम सभा में अन्य कृषकांे के मध्य प्रचार-प्रसार किये जाने की अपील की गयी।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार