संस्कृत विद्यालय की 10 नियुक्तियां नियमविरुद्ध, हाईकोर्ट ने किया निरस्त

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पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सगड़ी तहसील अंतर्गत प्रयागपुर भुवना बुजुर्ग स्थित अशासकीय सहायता प्राप्त प्राचीन धर्म संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुई 10 नियुक्तियों के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला विद्यालय निरीक्षक अजय कुमार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, न्यायालय ने विभाग की ओर से प्रस्तुत विस्तृत आख्या से संतुष्ट होने के बाद इन नियुक्तियों को नियमविरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया।
डीआईओएस की रिपोर्ट के मुताबिक, विद्यालय में वर्तमान में केवल चार सहायक अध्यापक और एक प्रधानाचार्य का पद स्वीकृत है, जबकि इसके विपरीत 10 नियुक्तियां कर दी गई थीं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) द्वारा 19 जनवरी 2011 को जारी आदेश के तहत संस्कृत विद्यालयों में चयन प्रक्रिया कराने का अधिकार जिला विद्यालय निरीक्षक को प्राप्त नहीं था। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्तियां की गईं।
मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका संख्या 20690/2024 दाखिल हुई थी। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने नियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान को लेकर डीआईओएस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब जिले के अन्य संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों एवं संस्कृत महाविद्यालयों में पूर्व में हुई नियुक्तियों की भी जांच तेज कर दी गई है। विभाग ने संबंधित प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से नियुक्तियों से जुड़े अभिलेख मांगे हैं। डीआईओएस ने बताया कि कई संस्थानों की जांच अंतिम चरण में है। अनियमितता मिलने पर संबंधित प्रबंधकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-बबलू राय

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