गांधी जी की अहिंसा संघर्षों से भागने की नहीं, बल्कि संघर्षों में उतरने वाली अहिंसा थी: मण्डलायुक्त

शेयर करे

आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मण्डलायुक्त विवेक ने गांधी जयन्ती पर महिला सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी मौजूदगी में कार्यालय भवन पर अपर आयुक्त-न्यायिक डा.अर्चना द्विवेदी एवं अपर आयुक्त ज्योति राय के माध्यम से संयुक्त रूप से ध्वजारोहरण कराया। तत्पश्चात समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, छात्राओं द्वारा सामूहिक राष्ट्रगान किया गया।
ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरान्त मण्डलायुक्त विवेक ने अपने कार्यालय सभागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के बड़े चित्र का अनावरण व माल्यार्पण कर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी की अहिंसा संघर्षों से भागने की नहीं बल्कि संघर्षों में उतरने वाली अहिंसा थी। गांधी जी की विचारधारा एक वैश्विक विचाराधारा थी।
उन्होंने पूर्व प्रधानमन्त्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री के जीवन संघर्षों और तत्समय आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में लिए गये अत्यन्त महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा जय जवान, जय किसान के दिये गये नारे से देश ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया जो निरन्तर अग्रसर है। मण्डलायुक्त ने उपस्थिति समस्त अधिकारियों कर्मचारियों को देश की इन दोनों महा विभूतियों से निरन्तर सीख और प्रेरणा लेने तथा देश के विकास में सभी को अपना सकारात्मक योगदान देने का आहवान किया।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *