अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नगर पंचायत में शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले के दूसरे दिन आस्था और उल्लास का सैलाब उमड़ पड़ा। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाते कस्बे में देर रात तक श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी रही। दो दर्जन से अधिक पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
मेले के दूसरे दिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नगर के प्रमुख चौक व मार्गों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजे पूजा पंडाल और आकर्षक विद्युत सजावट मेले की भव्यता में चार चांद लगा रहे थे। मेले में खरीदारी के साथ बच्चों और युवाओं ने झूलों का आनंद लिया।
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बचपन से देखते आ रहे हैं मेले की भव्यता: संग्राम यादव
अतरौलिया (आजमगढ़)। मेले का भ्रमण करने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक संग्राम यादव ने कहा कि अतरौलिया का मेला पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही वह इस मेले की भव्यता देखते आ रहे हैं। विधायक ने कहा कि श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की है। माता रानी का आशीर्वाद सभी पर बना रहे और क्षेत्र में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही उनकी कामना है।
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दूर-दराज से आते हैं श्रद्धालु: अरुण राजभर
अतरौलिया (आजमगढ़)। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने मेले की भव्यता और श्रद्धालुओं के उत्साह पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अतरौलिया का ऐतिहासिक मेला वर्षों पुरानी परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय मेले में शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग पहुंचते हैं। अपनी विशिष्ट परंपरा के कारण यह मेला अलग पहचान रखता है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद