फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। रबी की फसलों की बुवाई के बीच फूलपुर ब्लाक क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर उर्वरक की अनुपलब्धता किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सरकारी समितियों पर सस्ती डीएपी नहीं मिलने से किसानों को खुले बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, बाजार में डीएपी की बोरी 1800 रुपये तक में बेची जा रही है, जबकि साधन सहकारी समितियों पर यही खाद 1350 रुपये प्रति बोरी मिलती रही है। ऐसे में किसानों को प्रति बोरी 450 रुपये तक अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
फूलपुर ब्लाक क्षेत्र में कुल 12 न्याय पंचायतें हैं। किसानों के मुताबिक, वर्तमान में कुछ ही समितियों के माध्यम से उर्वरक वितरण का कार्य हो पा रहा है। खरसहन, पल्थी, सजई, अमनाबाद, खानजहांपुर, लोनियाडीह और सदरपुर-बरौली सहित विभिन्न समितियों की स्थिति को लेकर किसानों ने समस्याएं बताई हैं। सदरपुर-बरौली समिति के सचिव सुधीर सिंह के खिलाफ जांच चलने के कारण सुदनीपुर स्थित गोदाम से दूसरे सचिव को भेजकर खाद वितरण कराया जा रहा है।
खरसहन साधन सहकारी समिति के सचिव दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि उनकी गोदाम पर डीएपी उपलब्ध थी, जिसे किसानों को 1350 रुपये प्रति बोरी की दर से वितरित किया गया। हड़ताल समाप्त होने के बाद दोबारा उर्वरक आने पर वितरण किया जाएगा।
किसानों ने संबंधित अधिकारियों से समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने, बंद गोदामों को चालू कराने और जर्जर भवनों की मरम्मत कराने की मांग की है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय