फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन की सख्ती के बावजूद खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। आरोप है कि दिन ढलते ही बैकहो लोडर, ट्रैक्टर-ट्रालियों व डंपरों के जरिए अवैध खनन का कार्य शुरू हो जाता है। प्रशासनिक टीम के निकलने की सूचना पहले ही माफियाओं तक पहुंच जाती है, जिससे अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले मशीनें और वाहन गायब हो जाते हैं।
उपजिलाधिकारी फूलपुर द्वारा पिछले कई महीनों से अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान कई मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां तथा बैकहो लोडर सीज किए गए और लाखों रुपये जुर्माना भी वसूला गया, इसके बावजूद खनन माफिया सक्रिय बने हुए हैं।क्षेत्र में दिन के समय खनन बंद रखकर रात में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार अवैध रूप से निकाली गई मिट्टी ट्रैक्टर-ट्राली से लगभग 700 रुपये, ट्रिपर से 2100 रुपये तथा डंपर से करीब 3500 रुपये में बेची जा रही है। प्रतिदिन सैकड़ों ट्रालियां मिट्टी की बिक्री किए जाने की चर्चा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण खनन माफियाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कुछ लोग अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी माफियाओं तक पहुंचा देते हैं, जिससे कार्रवाई प्रभावित होती है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय