आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिकाओं ने किया प्रदर्शन

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। आगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन के बैनर तले शुक्रवार को अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय पर एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। अपनी लम्बित व जायज मांगो को लेकर आवाज बुलंद किया और सरकार के झूठे वादे, कथित नीतियों का खुलकर विरोध किया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हेमा गुप्ता तथा संचालन जिलामंत्री गुंजा बरनवाल ने किया।
हेमा गुप्ता ने विभाग के 50 वर्ष पूरे होने के बावजूद आंगनवाडी कर्मचारियों को मात्र 6 हजार रूपये प्रतिमाह दिये जाने पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होने कहा की महंगाई के इस दौर में इतने कम मानदेय में जीवन यापन करना मुश्किल है। उन्होंने केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं को आंगनवाडी कार्यकर्ताओं द्वारा पूरी निष्ठा व लगन से लागू करने का उल्लेख किया, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार, सम्मानजनक मानदेय न दिये जाने पर खेद जताया। उन्होंने 62 वर्ष की सेवा अवधि और कई राज्यो में 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु का जिक्र करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति होने के बाद उन्हे खाली हाथ घर जाना पड़ता है, क्योकि न तो पेंशन और न ही बीमा का कोई लाभ उन्हें मिलता है। उन्होने जनपदों में हो रहे एजुकेटर भर्ती का कड़ा विरोध किया।
रेखा विन्द ने कहा कि सरकार द्वारा प्रमोशन प्रक्रिया प्रारम्भ करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर भारी अनियमितताएं सामने आ रही है, जैसे पीएमएस पोर्टल पर डाटा फिडिंग के नाम पर जिले के सभी परियोजनाओं पर सीडीपीओ, सुपरवाईजर और कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा धन उगाही की जा रही है। जो आंगनबाड़ी बहने पैसा नही दे पाती, उनके डाटा में जानबूझकर त्रुटियां की जा रही हैं।
वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार ने हमारी मांगों पर संवेदनशीलता नही दिखाई तो यह आंदोलन एक व्यापक और ऐतिहासिक जन आंदोलन का रूप लेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
इस मौके पर अमिता सिंह, पूनम सिंह, संध्या राय, शोभावती गौड़, बिन्दु यादव, चिन्ता, मंजू देवी, आशा पाठक, किरन, सुशीला, शशिकला, मीना देवी, गीता, उषा, अंजली, आरती, कुसुम, मनीषा, पूजा, प्रेमशीला आदि उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार

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