नुकसान के कगार पर नर्सरी में लगाये गये पौधे

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लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय क्षेत्र में गांगी नदी में आई बाढ़ से लालगंज वन रेंज के रुद्रपुर की द्वितीय नर्सरी तथा उसके पास 2 एकड़ में हजारों की संख्या में लगे पेड़ नुकसान होने के कगार पर पहुंच गए हैं। वन विभाग के अधिकारी असहाय महसूस कर रहे हैं।
प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों पेड़ सरकारी खर्च पर लगवाती है कि पेड़ हरे भरे होंगे तो धरती हरी भरी होने पर पर्यावरण प्रदूषण सुरक्षित रहेगा। आम आदमी को स्वच्छ हवा तथा वातावरण मिलेगा, मानसून अच्छा बनेगा तो बरसात होगी। लेकिन वर्तमान समय में आई बाढ़ से सरकार की उपरोक्त सोच को ग्रहण लगता हुआ दिखाई दे रहा है और योजना नाकाम साबित होती हुई दिखाई दे रही है। विदित हो कि स्थानीय रेंज के गांगी नदी के किनारे रुद्रपुर वन विभाग की बड़ी नर्सरी तथा वन विभाग के पुराने और नए पेड़ लगे हुए हैं। नर्सरी में तथा गांगी नदी के आस पास बाढ़ से पानी भरा हुआ है। जिससे नर्सरी में पेड़ों के सूखने की संभावना प्रबल हो गई है। देवगांव-केराकत मार्ग के किनारे लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में वन विभाग द्वारा दर्जनों किस्म के पेड़ लगाए गए हैं। इस समय उसमें 3 से 4 फुट पानी भरा हुआ है और नर्सरी के सूखने की संभावना बढ़ती जा रही है। उसमें लगाए गए आम के पेड़ सूखना शुरू हो गए हैं। इस संबंध में नर्सरी इंचार्ज वन दरोगा से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कर्मचारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। क्षेत्र में पानी जमा होने के परिणाम स्वरूप लाखों रुपए का नुकसान होने की संभावना बनी हुई है।
रिपोर्ट-मकसूद आजमी

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