आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक जिलाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण निरस्त कर दी गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष आयोजित दिशा समिति की बैठक में भी जिलाधिकारी अनुपस्थित रहे थे।
बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि दिशा समिति की बैठक सांसद की अध्यक्षता में आयोजित होने वाला एक महत्वपूर्ण वैधानिक मंच है, जहां जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं तथा विकास कार्यों की समीक्षा करते हैं। लगातार दूसरी बार जिलाधिकारी का बैठक में उपस्थित न होना प्रशासन की कार्यशैली और उसकी मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार को खुश करने और राजनीतिक दबाव में काम करने की प्रवृत्ति के कारण विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है। सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वाेपरि होना चाहिए, लेकिन प्रशासन का रवैया इसके विपरीत दिखाई दे रहा है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जिलाधिकारी द्वारा लगातार दिशा समिति की बैठकों से अनुपस्थित रहना केवल सांसद या अन्य जनप्रतिनिधियों का ही नहीं, बल्कि उन लाखों मतदाताओं का भी अपमान है जिन्होंने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विकास और जनहित के मुद्दे उठाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन सरकार को खुश करने के लिए विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करेगा तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा कमजोर होगी।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार