आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। लछिरामपुर स्थित विजय सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में इलाज के दौरान एक 22 वर्षीय गोलू यादव की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। वहीं, दूसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डा. मनीष त्रिपाठी ने रुपयों के लेनदेन पर पल्ला झाड़ते हुए रसीद दिखाने की बात कही। चौतरफा घिरने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सफाई दी है कि पैर काटने के फैसले में देरी होने के कारण युवक की मौत हार्ट अटैक से हुई है, जिसने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में डा.मनीष त्रिपाठी ने कहा कि मेरे ऊपर लगाये जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
बुधवार को मऊ जनपद के दोहरीघाट क्षेत्र निवासी गोलू पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में घायल हुआ था। जिसके परिजनों का गंभीर आरोप था कि अस्पताल प्रशासन मरीज की हालत सामान्य बताकर इलाज के नाम पर डेढ़ लाख रुपये से अधिक वसूलता रहा। अचानक खून की मांग की गई और कुछ ही मिनटों में युवक की मौत की खबर दे दी गई। परिजनों का आरोप है कि मौत पहले ही हो चुकी थी और अस्पताल ने सच छुपाया था। जिसके बाद हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला था। फिलहाल गेंद अब प्रशासन के पाले में है।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार