लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। एक ओर जहां दुनिया आधुनिक विकास और नई तकनीकों के सहारे चांद पर बसने की योजनाएं बना रही है, वहीं देवगांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझने को मजबूर हैं। सोमवार को हुई बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। नालियों की सफाई न होने और कई स्थानों पर नालियां जाम होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और लोगों के घरों में भर गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो गया।
बारिश थमने के कई घंटे बाद भी पानी की निकासी नहीं हो सकी। कई मोहल्लों में घरों के आंगन, कमरों और रसोई तक पानी पहुंच गया। जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में रखा सामान भी भीग गया, जबकि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। बारिश के बाद जलभराव से सड़कों पर भी आवागमन प्रभावित रहा। कई जगहों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में कठिनाई हुई। स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई कि यदि जल्द पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हुई तो संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।
नागरिकों ने जाम नालियों की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा बरसात के मौसम से पहले नालों और नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यदि नागरिकों को जलभराव जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझना पड़े तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सोमवार की बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देवगांव में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किए बिना बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिलना मुश्किल है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब प्रशासन की ओर टिकी हैं कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाएगा।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद