संविधान के मूल्यों को अपनाने की जरूरत: कुंवर फतेहबहादुर

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मेंहनगर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विधानसभा क्षेत्र मिठ्नपुर करिया गांव में रविवार को देरशाम सामाजिक संस्था बहुजन भारत के तत्वाधान एवं संयोजक त्रिभुवन राम की अध्यक्षता में प्रबुद्ध जन सम्मेलन एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सेवा निवृत्त आईएएस पूर्व प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर एवं विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह, केडी राम सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी राजबली, सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार रामा राजभर, पूर्व जिला पंचायत देवचंद राम, सेवानिवृत उपसचिव एलडीए आदि ने बाबा साहब की प्रतिमा पर द्वीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया।
मुख्य अतिथि कुंवर फतेह बहादुर ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के संदर्भ में यह एक ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करने की एक सुविचारित और दीर्घकालिक व्यवस्था प्रदान करता है। सदियों से चली आ रही सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक विषमताओं को समाप्त करने के लिए संविधान ने समानता के साथ-साथ सकारात्मक भेदभाव की नीति को अपनाया जो इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।
विशिष्ट अतिथि अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि अगर संविधान न होता तो शायद समाज का कमजोर वर्ग आज भी हासिये पर होता। केडी राम, देवचंद राम, राम नवल पूर्व प्रमुख, रामा राजभर ने भी अपना अपना विचार रखा।
इस मौके पर फूलचंद राम सेवा निवृत कृषि अधिकारी, राजाराम प्रबंधक, त्रिभुवन राम उर्फ मंत्री, डॉ.सुशील कुमार, शिव शंकर यादव वकील, जयप्रकाश मास्टर, अरविंद यादव, अधिवक्ता दिलीप कुमार, डॉ.तिलकधारी, त्रिभुवन राम आदि उपस्थित रहे। संचालन लालसा राम पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने किया।
रिपोर्ट-धीरज तिवारी

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