आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा सरकार के मंत्रियों एवं विधायकों की संपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई गई।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह ‘मुन्ना राय’ ने कहा कि महोबा में एक दलित छात्रा के अपहरण और उसके साथ हुए अमानवीय व्यवहार ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। ऐसे संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने और उनका दुख साझा करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय महोबा जाना चाहते थे, लेकिन भाजपा सरकार ने उन्हें रोकने का हरसंभव प्रयास किया। यह दर्शाता है कि सरकार पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय अपनी विफलताओं को छिपाने में लगी हुई है।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी ने महोबा की बेटी को न्याय दिलाने की आवाज बुलंद की, तब भाजपा नेताओं ने मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की संपत्तियों की जांच की मांग शुरू कर दी। कांग्रेस पार्टी इस चुनौती का स्वागत करती है। हम सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता के पक्षधर हैं और किसी भी निष्पक्ष जांच से नहीं डरते। लेकिन जांच का पैमाना सबके लिए समान होना चाहिए।
मुन्ना राय ने कहा कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहती है तो उसे अपने मंत्रियों और विधायकों की संपत्तियों की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि सत्ता में आने के बाद भाजपा नेताओं की संपत्तियों में हुई भारी वृद्धि का स्रोत क्या है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा निर्माण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय इन सवालों का जवाब दे और पारदर्शिता का परिचय दे।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार