आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। केन्द्र सरकार की गलत नीतियों (महिला आरक्षण विधेयक) के विरोध में सुनीता सिंह राष्ट्रीय महासचिव, महिला सभा समाजवादी पार्टी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भाजपाइयों द्वारा किये जा रहे कृत्य पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण विधेयक 28 सितम्बर 2023 को लागू किया जा चुका है, जो संसद द्वारा पारित होकर विधि का रूप भी ले चुका है। किन्तु बिना समुचित जनगणना कराए एवं बिना पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए, नये सिरे से परिसीमन करने के उद्देश्य से वर्ष 2026 में पुनः महिला आरक्षण विधेयक को जल्दबाजी एवं गलत तरीके से संसद में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया। यह कदम लोकतांत्रिक मर्यादाओं एवं संवैधानिक प्रक्रियाओं के विपरीत प्रतीत होता है।
भाजपा सरकार के कार्यकर्ताओं, सांसदों एवं मंत्रियों द्वारा पीडीए व अन्य सहयोगी दलों के विरुद्ध भ्रामक एवं तथ्यहीन दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्हें “महिला विरोधी” बताकर जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन, झंडे एवं बैनर जलाने जैसी गतिविधियों के माध्यम से अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक सौहार्द्र एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा पीडीए एवं सहयोगी दलों की छवि को जानबूझकर धूमिल किया जा रहा है।
भाजपा के कार्यकर्ताओं, मंत्रियों एवं सांसदों द्वारा किए जा रहे इस प्रकार के भ्रामक प्रचार एवं अराजक कृत्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगायी जाय।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार