फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। धान की फसल के लिए आवश्यक यूरिया उर्वरक की खेप कृषि विभाग के आश्वासन के एक सप्ताह बाद भी स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों के सरकारी गोदामों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे किसानों को खुले बाजार से अधिक कीमत पर यूरिया खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र में धान की रोपाई को 15 से 20 दिन हो चुके हैं। इस समय फसल में यूरिया का छिड़काव अत्यंत आवश्यक माना जाता है, लेकिन सरकारी गोदामों पर उर्वरक उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि बाजार में यूरिया दो पैकेट जिंक के साथ लगभग 700 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
किसान दिनेश, मो. अनवर, ध्रुवचंद, दशरथ पाल, विनोद यादव, कलंदर प्रजापति और कोमल यादव ने बताया कि सरकारी गोदामों पर समय से उर्वरक उपलब्ध नहीं होता, जबकि निजी बाजार में पहले ही आपूर्ति हो जाती है। उनका कहना है कि सरकारी गोदाम से मिलने वाली इफको यूरिया की गुणवत्ता पर उन्हें भरोसा रहता है और मिलावट की आशंका भी कम रहती है। किसानों ने जिलाधिकारी एवं जिला कृषि अधिकारी से शीघ्र पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि धान की फसल प्रभावित न हो।
इस संबंध में साधन सहकारी समिति के सचिव सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यूरिया की मांग स्वीकृत हो चुकी है। संभावना है कि सोमवार या मंगलवार तक उर्वरक की खेप गोदाम पर पहुंच जाएगी, जिसके बाद किसानों को वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय