अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति के जज्बे के साथ क्षेत्रभर में तिरंगा फहराया गया। सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया, लेकिन कुछ स्थानों पर सूर्यास्त के बाद भी राष्ट्रध्वज फहरता रहा। इससे राष्ट्रध्वज के सम्मान और जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।
अतरौलिया क्षेत्र के भरसानी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में 15 अगस्त को ध्वजारोहण किया गया था। दिनभर विद्यालय परिसर में तिरंगा सम्मानपूर्वक फहराता रहा, लेकिन सूर्यास्त के बाद विद्यालय में कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं था। शाम करीब सात बजे तक राष्ट्रध्वज फहरता मिला। इससे विद्यालय परिसर में तिरंगा लावारिस स्थिति में दिखाई दिया। इसी तरह अतरौलिया स्थित खंड विकास कार्यालय परिसर में भी स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण किया गया। आरोप है कि सूर्यास्त के बाद राष्ट्रध्वज को उतारने की व्यवस्था नहीं की गई। अगले दिन रविवार सुबह तक राष्ट्रीय ध्वज फहरता रहा। सरकारी संस्थानों में इस तरह की लापरवाही सामने आने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रध्वज देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है, इसलिए इसे फहराने के साथ ही निर्धारित नियमों के अनुसार उतारने की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इनसेट–
क्या कहते हैं जिम्मेदार—
अतरौलिया (आजमगढ़)। प्राथमिक विद्यालय भरसानी के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने बताया कि सूर्यास्त के बाद झंडा उतारने के लिए कहा गया था। लगता है कि झंडा उतारा नहीं गया है। वह इसकी जानकारी कराकर झंडा उतरवाएंगे।
खंड शिक्षा अधिकारी वेदव्यास ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह तत्काल मामले को दिखवाएंगे।
खंड विकास अधिकारी सुजीत पासवान ने भी मामले की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि वह इसे दिखवाएंगे।
रिपोर्ट-आशीष निषाद