सबसे बड़ा धर्म है निष्कामता: गणेश उपाध्याय

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मेंहनगर के निकट महादेव पारा में एक मई से चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है। कथावाचक पं. गणेश उपाध्याय ने रविवार की रात अपने प्रवचन में कहा कि निष्कामता प्राणीमात्र का सबसे बड़ा धर्म है। निष्काम कर्म से न केवल मोक्ष बल्कि जीवन में शांति और संतुलन भी मिलता है। श्रीमद्भागवत कथा की महत्ता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि अपने अनंत कर्मों के पुण्योदय से जीवन में भागवत कथा की उपलब्धि होती है। भगवान की कथा कृपा साध्य है।
आयोजक डा. पीएन मिश्र, डा. शरद मिश्र आदि ने विधिपूर्वक भागवत पूजन किया। इस मौके पर कवि सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन, साहित्यकार संजय कुमार पाण्डेय सरस, डा. एके मिश्र, डा. एके राय, शिवम तिवारी, विशाल उपाध्याय, पंकज पांडेय, डा. बीएस सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद थे।
रिपोट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

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