अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय नगर पंचायत अतरौलिया के हजारों उपभोक्ता इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। नगर क्षेत्र में निवास करने के बावजूद लोगों को गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 से 50 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि नगर पंचायत घोषित होने के बाद भी उन्हें ग्रामीण क्षेत्र के नियमों के तहत सुविधाएं दी जा रही हैं।
नगरवासियों रिंकू सोनी, अमित कुमार, अशोक सोनकर, पवन मोदनवाल, अजय कुमार चौरसिया, आनंद मोदनवाल और प्रतिभा सोनकर समेत अन्य लोगों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में नियमानुसार 25 दिन के अंतराल पर गैस सिलेंडर की रिफिल बुकिंग की सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन अतरौलिया में 45 दिन से पहले ऑनलाइन पोर्टल दूसरी बुकिंग स्वीकार ही नहीं करता। इतना ही नहीं, बुकिंग होने के बाद भी सिलेंडर घर तक पहुंचने में तीन से चार दिन अतिरिक्त लग जाते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि समय पर गैस न मिलने से उन्हें मजबूरी में लकड़ी और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे एक ओर घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है, वहीं धुएं से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ रही हैं। नगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति काफी परेशान करने वाली बन गई है।
मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारियों से बात की गई तो तकनीकी खामी सामने आई। पूर्ति निरीक्षक केके मिश्र ने बताया कि नगर पंचायत अतरौलिया को गैस आपूर्ति करने वाली एजेंसी ग्रामीण क्षेत्र में पंजीकृत है। इसी वजह से एजेंसी का पोर्टल ग्रामीण मानकों के अनुसार संचालित होता है और सॉफ्टवेयर 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग स्वीकार नहीं करता।
उन्होंने कहा कि एजेंसी की भौगोलिक स्थिति के कारण नगर पंचायत के उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्र की 25 दिन वाली सुविधा नहीं मिल पा रही है। इधर, नगरवासियों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए सवाल उठाया है कि जब अतरौलिया नगर पंचायत घोषित हो चुका है तो पोर्टल और व्यवस्था को अब तक अपडेट क्यों नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि तकनीकी खामियों का खामियाजा 15 हजार से अधिक आबादी को भुगतना पड़ रहा है। नगरवासियों ने समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद