गोसाई की बाजार आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। तहसील लालगंज परिसर में अधिवक्ताओं से कथित अभद्रता का मामला सोमवार को तूल पकड़ लिया। शनिवार की घटना से नाराज करीब 150 अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में पहुंचकर उप जिलाधिकारी नेहा मिश्रा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर अभद्रता करने के साथ ही भ्रष्टाचार और दलाली के आरोप लगाए। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान तहसील परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।
बताया गया कि शनिवार को तहसील परिसर में खाली पड़ी जमीन पर अधिवक्ताओं ने बैठने के लिए टीनशेड डालकर चैंबर बनाया था। आरोप है कि मौके पर पहुंचीं एसडीएम नेहा मिश्रा और तहसीलदार ने अधिवक्ताओं से अभद्रता करते हुए टीनशेड, कुर्सी और बेंच हटवा दिए। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी फैल गई।
सोमवार को प्रयागराज हाईकोर्ट, वाराणसी और लालगंज के अधिवक्ता तहसील परिसर में जुटे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि लालगंज में सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद एसडीएम यहां नहीं रहती हैं और रोजाना आजमगढ़ चली जाती हैं। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिकारियों को शासन के निर्देशों के अनुसार तैनाती स्थल पर रहना चाहिए।
आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के चैनल गेट को बंद कर दिया। स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने पुलिस को सूचना दी। देवगांव और लालगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया।
अधिवक्ताओं का कहना था कि जगह-जगह सरकारी अधिकारियों द्वारा अधिवक्ताओं का अपमान किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम नेहा मिश्रा ने अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलाया और अपनी गलती के लिए माफी मांगी। इसके बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ और वे तहसील परिसर से लौट गए।
रिपोर्ट-मो. तारिक बेग