फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरकारी प्राथमिक विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाओं से लैस करने के लिए चलाया गया कायाकल्प अभियान कई विद्यालयों में जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका। इसके लिए ग्राम पंचायत, प्रधानाध्यापक, शिक्षा विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे।
फूलपुर शिक्षा क्षेत्र में इसको लेकर ब्लाक सभागार में बैठकों के साथ अभियान भी चलाया गया, लेकिन कई विद्यालयों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आरोप है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रधान और सचिवों को निर्देशित करने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित रख दी। जिन ग्राम पंचायतों में प्रधान और प्रधानाध्यापकों ने आपसी समन्वय से काम किया, वहां विद्यालयों की तस्वीर बदली है।
फूलपुर तहसील की बाउंड्री से सटे सुदनीपुर प्राथमिक विद्यालय की स्थिति इसके उलट है। विद्यालय परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश का पानी भरा हुआ है। इससे बच्चों के पठन-पाठन में परेशानी हो रही है। परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप भी खराब पड़ा है। ऐसे में बच्चों को पेयजल के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि विद्यालय में विकास कार्य के लिए विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक की निधि से दो कक्षों में टाइल्स और छोटे बच्चों के लिए कुर्सी-मेज की व्यवस्था कराई गई थी। इसके बावजूद विद्यालय परिसर में जलनिकासी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं का बने रहना कायाकल्प अभियान की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय