फरिहा आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मुहम्मदपुर ब्लॉक में सरकारी लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को महीनों चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि तहसील स्तर से स्वीकृत होकर आने वाली फाइलें ब्लॉक कार्यालय पहुंचने के बाद ठंडे बस्ते में डाल दी जा रही हैं।
फरवरी और मार्च की, कई फाइलें ब्लॉक में आशा आंगनबाड़ी और ग्राम प्रधान की रिपोर्ट लगाकर महीनों तक पड़ी रहती हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाने या निस्तारण करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी रुचि नहीं ले रहा। नतीजतन, अभिभावक रोजाना ब्लॉक के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इस लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूलों में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य होने के कारण, कई बच्चों का एडमिशन अटक गया है।
अभिभावकों का कहना है कि वे स्कूलों में जाते हैं तो उनसे साफ तौर पर जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाता है, लेकिन ब्लॉक स्तर पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
इस संबंध में एडीओ पंचायत श्रवण कुमार ने बताया कि जब फाइलें तहसील पर भेजी जाती हैं तो तहसील स्तर पर कर्मचारियांे द्वारा मना किया जा रहा है कि पहले से यहां पर ज्यादा फाइलें है अभी न भेजा जाए।
इस संबंध में एसडीएम निजामाबाद चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यह सब आरोप गलत है कोई भी कर्मचारी मना नहीं करता जो फाइलें आती है उस पर तत्काल प्रभाव से आर्डर बनाकर भेज दी जाती है।
रिपोर्ट-जयहिंद यादव