गोंड़ समाज के अधिकारों को लेकर गरजे ओमप्रकाश राजभर

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अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के तत्वावधान में सोमवार को देउपुर बाजार स्थित मैरिज हॉल में समरसता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोंड़ समाज के लोगों को उनके हक और अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। विशिष्ट अतिथि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अतरौलिया में बदलाव का दावा किया।
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस को वोट देने के बावजूद गोंड़ समाज को उसका अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह आजमगढ़ को सभी जातियों का गढ़ बनाकर ही दम लेंगे। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की गुंडई खत्म करने के लिए वह आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों की जमीन पर कब्जा करना सपा नेताओं की आदत रही है।
श्री राजभर ने कहा कि आजमगढ़ के आईटीआई मैदान में एक लाख लोगों की सभा करने की तैयारी है। इससे विपक्ष की नींद उड़ जाएगी। उन्होंने गरीबों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता देने का दावा करते हुए कहा कि जरूरतमंद परिवार इलाज का एस्टीमेट बनवाकर उनके कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जुलाई तक करीब 8 करोड़ 45 लाख रुपये गरीबों के इलाज के लिए दिए जा चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने विपक्ष पर महिला हितों से जुड़े विधेयक का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोग महिला विकास की बात नहीं कर सकते।
विशिष्ट अतिथि अरुण राजभर ने कहा कि कुछ नेता यह कहते हैं कि अतरौलिया में गोंड़ समाज के लोग नहीं रहते। उन्होंने कहा कि जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता, वह कभी तरक्की नहीं कर सकता। राजनीतिक दलों ने गोंड़ समाज को केवल प्रमाणपत्रों तक सीमित कर दिया है। उन्होंने समाज के लोगों से अपने अधिकारों के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। अरुण राजभर ने दावा किया कि अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 हजार गोंड़ समाज के लोग हैं और अब समाज बदलाव के मूड में है। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अतरौलिया की जनता बदलाव का मन बना चुकी है।
कार्यक्रम के आयोजक राकेश कुमार गांेंड़, अर्जुन गोंड़, अशोक कुमार गोंड़, विजय गोंड़, संतराम, रामप्रवेश गोंड़, रमेश गोंड़ और भीम गोंड़ समेत बड़ी संख्या में गोंड़ समाज के लोग मौजूद रहे।
रिपोर्ट-आशीष निषाद

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