पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। बिलरियागंज नगर पालिका अंतर्गत जैगहां गांव में हिंदू समुदाय द्वारा लंबे समय से बच्चों और बुजुर्गों के शव दफनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही नवीन परती भूमि थाना निर्माण में शामिल किए जाने के बाद ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उनके पास मृत परिजनों के शवों को दफनाने के लिए कोई उपयुक्त स्थान नहीं बचा है।
समस्या को लेकर सूर्य प्रताप लाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। प्रशासन के निर्देश पर उपलब्ध नवीन परती भूमि की आख्या तैयार कर नगर पालिका को दी गई, जिसे आगे एसडीएम सगड़ी के माध्यम से सीआरओ कार्यालय भेजा गया। ग्रामीणों के अनुसार, वहां सरकारी भूमि को हिंदू कब्रिस्तान के रूप में दिए जाने पर रोक की बात सामने आई है।
इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकत्र होकर मामले पर चर्चा की और प्रशासन से नियम-कानून के दायरे में वैकल्पिक सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जीवन में जमीन को लेकर संघर्ष समझ में आता है, लेकिन मृत्यु के बाद भी दो गज जमीन के लिए भटकना बेहद पीड़ादायक है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या रखेंगे। उनका सवाल है कि जब वर्षों से इस्तेमाल की जा रही भूमि अब थाना निर्माण में चली गई है, तो आखिर मृत बच्चों और बुजुर्गों को कहां दफनाया जाएगा?
इस मौके पर जितेंद्र प्रजापति, श्रीराम प्रजापति, संदीप प्रजापति, प्रदीप प्रजापति, दयाराम पासवान, चंदन गुप्ता, जवाहर शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, भुंवर पासवान, हरिकिशन गौंड, केवल प्रजापति व बुद्धिराम प्रजापति आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-बबलू राय