आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के पहाड़पुर चौकी के पास स्थित शिबली नेशनल कॉलेज उस वक्त रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ छात्र-छात्राएं प्रिंसिपल कार्यालय के सामने कैंपस में उतर आए। एनएसयूआई के यूपी ईस्ट जनरल सेक्रेटरी एस.एम. और थर्ड ईयर के छात्र अफजाल खान व अन्य विद्यार्थियों का मुख्य आरोप है कि प्रिंसिपल द्वारा छात्राओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जिसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
छात्रों का यह भी आरोप है कि कॉलेज प्रशासन कैंपस में छात्राओं के पहनावे और संस्कृति, विशेषकर हिजाब व नकाब पर आपत्ति जता रहा है, जो यहां की गंगा-जमुनी तहज़ीब के खिलाफ है। विवाद बढ़ने पर प्रिंसिपल के अंदर छिप जाने और पुलिस बुलाए जाने से छात्रों का आक्रोश और अधिक भड़क गया। प्रदर्शन के दौरान नकाब में मीडिया से रूबरू हुईं पीड़ित छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उनका एडमिशन और परीक्षा फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न हो चुकी थी, लेकिन अब ऐन मौके पर उन्हें परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है और पोर्टल पर एरर दिखाया जा रहा है। कॉलेज जाने पर उन्हें स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है कि तुम लोगों का नहीं होगा।
विद्यार्थियों का तर्क है कि यदि फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाने थे, तो एडमिशन के वक्त ही आधिकारिक नोटिस जारी किया जाना चाहिए था, न कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद भविष्य से खिलवाड़ किया जाए। हंगामा बढ़ता देख सीओ सिटी शुभम तोंदी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जिससे छात्रों में प्रशासन के प्रति और अधिक रोष देखने को मिला।
विद्यार्थियों की मुख्य मांग है कि परीक्षा फॉर्म भरने का पोर्टल तुरंत खोला जाए और उनकी परीक्षाएं समय पर कराई जाएं, अन्यथा मनमाने रवैये के चलते उनका पूरा एक साल बर्बाद हो जाएगा। छात्र-छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार