स्व.राजाराम मोहन राय से सभी को लेनी चाहिए प्रेरणा

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्व.राजाराम मोहन राय की 250वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में महिला सशक्तीकरण पर स्कूली बच्चों की जागरूकता रैली को राजकीय बालिका इण्टर कालेज से संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ मण्डल योगेन्द्र कुमार सिंह ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि आज हम स्व.राजाराम मोहन राय की 250वीं जयंती मना रहे हैं। यह रैली महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से निकाली जा रही है। हम सभी को इनके द्वारा किये गये कार्याें से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होने बताया कि स्व.राजाराम मोहन राय का जन्म बंगाल में 1772 में ब्राम्हण परिवार में हुआ था, किशोरावस्था में ही इन्होने काफी भ्रमण किया। उन्होने 1809 से लेकर 1814 तक ईस्ट इण्डिया कम्पनी के लिए काम किया। इन्होने ने ही ब्रम्ह समाज की स्थापना की।
राजकीय बालिक इण्टर कालेज की प्रधानाचार्या ललिता देवी ने बताया कि यह रैली जीजीआईसी से प्रारम्भ होकर अग्रसेन चौराहा, सिविल लाइन, रैदोपुर चौराहा एवं गांधी तिराहा होते हुए जीजीआईसी पर आकर समाप्त हुई। इस रैली में जीजीआईसी आजमगढ़, डीएवी इण्टर कालेज, निस्वां इण्टर कालेज, अग्रसेन इण्टर कालेज, एसकेपी इण्टर कालेज एवं राहुल चिल्ड्रेन स्कूल के लगभग 1000 छात्र, छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। उन्होने बताया कि राजाराम मोहन राय ने बाल विवाह, सती प्रथा, जाति-वाद, कर्म काण्ड, पर्दा प्रथा आदि का कड़ा विरोध किया। उन्होने बताया कि आधुनिक भारत के जनक राजाराम मोहन राय ने सती प्रथा को खत्म करने के लिए कई जतन किये। इसी के साथ ही उन्होने विधवा विवाह को भी सही ठहराया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार त्रिपाठी सहित समस्त संबंधित विद्यालयों के अध्यापक, अध्यापिकाएं एवं छात्र, छात्राएं उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

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