फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के चयन को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक स्थल पर खुली बैठक बुलाकर ग्रामीणों की मौजूदगी में विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाती थी, लेकिन अब कई गांवों में खुली बैठक की प्रक्रिया केवल कागजों तक सिमट गई है। प्रधान और सचिव बंद कमरों में कार्ययोजना तैयार कर उसे ऑनलाइन कर देते हैं, जिससे ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं हो पाती।
पहले खुली बैठक की सूचना गांव में डुग्गी पिटवाकर दी जाती थी। बैठक में ग्राम पंचायत सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहते थे तथा उनकी समस्याओं और प्राथमिकताओं के आधार पर विकास कार्य तय किए जाते थे। सरकारी योजनाओं में पात्र लाभार्थियों का चयन भी ग्रामीणों की जानकारी में होता था। आरोप है कि अब बैठक नहीं होने से आवास सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता प्रभावित हो रही है और अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
ग्रामीण बत्तीस मो, नदीम, मनीष, आशीष, मो. अकरम, मो. हसीब, चंद्रकेश, कोमल, सुबास प्रजापति, नरेंद्र पांडेय, जैकी पांडेय और राम आधार आदि ने बताया कि कई वर्षों से गांवों में नियमित रूप से खुली बैठक नहीं हुई है। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और पात्रता के आधार पर लाभ दिलाने की मांग की।
इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी पंचायत फूलपुर असविंद यादव ने बताया कि कार्ययोजना खुली बैठक के माध्यम से ही तैयार होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो यह गलत है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह