अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। हजरतगंज लखनऊ स्थित सुभासपा के प्रदेश कार्यालय में एक युवक द्वारा असलहा लहराकर धमकी देने के मामले पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे सपा की सोची-समझी साजिश करार दिया और पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
अरुण राजभर ने कहा कि सुभासपा की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के जुड़ाव से विपक्षी दल घबराए हुए हैं। इसी डर की वजह से सपा अपने कार्यकर्ताओं और गुर्गों को भेजकर सुभासपा नेताओं को डराने व धमकाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि राशिद अली नामक युवक ने कार्यालय में घुसकर प्रभारी डॉ. अरविंद राजभर और ओम प्रकाश राजभर के प्रति अभद्रता की और तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी दी। घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आ चुकी है, हजरतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और आरोपी ने यह स्वीकार भी किया है कि उसे सपा नेताओं द्वारा भेजा गया था।
श्री राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए नारे पर तंज कसते हुए कहा कि सपा का यह फॉर्मूला केवल डर और फरेब की राजनीति है। उन्होंने सवाल किया कि क्या ओम प्रकाश राजभर पिछड़े वर्ग में नहीं आते, जो सपा नेता उन पर हमले करवा रहे हैं?
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पत्र लिखकर कार्यालय की सुरक्षा चाक-चौबंद करने की मांग की गई है। यदि पार्टी के किसी भी पदाधिकारी के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके सीधे जिम्मेदार अखिलेश यादव और उनके शीर्ष नेता होंगे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता योगी आदित्यनाथ और ओम प्रकाश राजभर के जनकल्याणकारी कार्यों को देख रही है। गुंडागर्दी और अराजकता फैलाने वाली समाजवादी पार्टी को 2027 के विधानसभा चुनाव में 27 सीटें भी नसीब नहीं होंगी।
रिपोर्ट-आशीष निषाद